Jan 17, 2017

बयान ' फ़तवा ' नहीं


किसी इमाम या धार्मिक व्यक्ति . नेता का बयान ' फ़तवा ' नहीं कहला सकता | इस्लाम में ' फ़तवा ' दारुल इफ़्ता [ धर्मादेश केंद्र ] द्वारा जारी किया जाता है , जिसमें पवित्र इस्लामी शिक्षाओं विशेषकर क़ुरआन , सुन्नत की रोशनी में मुफ़्ती हज़रात द्वारा संबंधित विषय की व्याख्या की जाती है | इसके इतर किसी धर्म नेता का बयान उसका निजी विचार / राय से अधिक कुछ नहीं होता | इस हक़ीक़त के बावजूद देश की प्रभावशाली मीडिया इस स्पष्ट अंतर को भुलाकर किसी धर्मं नेता के बयान को ' फ़तवा ' कहकर प्रचारित करके अपना उल्लू सीधा करती है , जिससे इस्लाम और मुसलमानों की छवि ख़राब होती है | अभी पिछले दिनों नोटबंदी के विरोध के सिलसिले में इमाम आल इण्डिया मजलिसे शूरा और आल इण्डिया मायनारिटी फ़ोरम के संयुक्त तत्वावधान में कोलकाता में विगत सात जनवरी को आयोजित सम्मेलन में जो बातें कही गईं , उनमें से कुछ आपत्तिजनक / निंदनीय होने के बावजूद वक्ता के विचार / उद्गार मात्र हैं , जिनका इस्लाम की शिक्षाओं से कोई ताल्लुक़ नहीं | अतः क़ानून - उल्लंघन पर सरकार को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए | मीडिया में आई रिपोर्टों के अनुसार , इस सम्मेलन में कोलकाता की एक टीपू सुल्तान मस्जिद के इमाम सैयद मुहम्मद नूरूरहमान बरकाती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने नोटबंदी के जरिए लोगों को ‘ठगा’ है। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिर और दाढ़ी मुंडेगा उसी 25 लाख रुपए दिए जाएगा। यूट्यूब पर यह वीडियो मौजूद है | वीडियो में बरकाती के साथ टीएमसी सांसद इदरीस अली भी बैठे थे , जो बरकाती के बयान पर ताली बजाते इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जब मौलवी ने फतवा जारी किया तो टीएमसी सांसद ने तालियां बजाईं। वीडियो में पीछे एक पोस्टर लगा हुआ है, जिस पर लिखा हुआ है, ‘ममता लाओ, मोदी हटाओ, देश बचाओ’। वास्तव में यह सम्मेलन ममता बनर्जी द्वारा नोटबंदी - विरोध के आह्वान के नतीजे में किया गया था | इसमें बरकाती ने कहा, ‘ नोटबंदी से रोजाना लोग परेशान हो रहे हैं और समस्या का सामना कर रहे हैं। मोदी समाज और निर्दोष लोगों को नोटबंदी के जरिए ठग रहे हैं और कोई भी नहीं चाहता कि वह प्रधानमंत्री पद पर बने रहें। पीएम मोदी का सिर और दाढ़ी मूंडने वाले को 25 लाख रुपए दिए जाएंगे।’ साथ ही उन्होंने कहा कि लोग ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चाहते हैं। इस बयान पर भाजपा के रितेश तिवारी ने पुलिस में एफ आर आई दर्ज कराई है और अपनी पार्टी की ओर से इमाम की गिरफ्तारी की मांग की है। बरकाती के बयान को ‘फतवा’ करार देते हुए भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि ममता बनर्जी तत्काल उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दें। हमारे प्रधानमंत्री के खिलाफ 'फतवा' बहुत निंदनीय है। '' अभी कुछ ही समय पहले बरकाती ने बंगाल भाजपा प्रभारी दिलीप घोष को पत्थरों से मार - मारकर जान लेने की बात कही थी | इसमें दो राय नहीं कि बरकाती की भाषा अमर्यादित और अवांछनीय है , जिसकी भर्त्सना की जानी चाहिए | सभ्य समाज में इसकी गुंजाइश नहीं | इस्लामी शिक्षाओं से इनका कोई लेना - देना नहीं | इस्लाम तो संस्कार / परिष्कार का दूसरा नाम है | आश्चर्य और अफ़सोस होता है , जब इमाम जैसे पद पर बैठे लोग सदाचरण भूल जाते हैं |